बिहार चुनाव 2020: दूसरे चरण में 7 सीटिंग सीटें कांग्रेस के लिए बड़ी चुनौती

बिहार में पहले चरण का चुनाव संपन्न होते ही दूसरे चरण के लिए सियासी हलचल तेज हो गई है. दूसरे चरण का चुनाव कांग्रेस के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है.

पटना: बिहार महासमर 2020 के दूसरे चरण के चुनाव में कांग्रेस को अपने जीती हुई सीटों को बचाना बड़ी चुनौती है. दूसरे चरण में कुल 94 विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव होने हैं. 2015 के चुनाव में कांग्रेस ने इन क्षेत्रों में 7 सीटों पर जीत दर्ज की थी. हालांकि इस बार कांग्रेस की जीती हुई 3 सीटें जो दूसरे चरण में थी वह वामदलों को दी गई हैं.

दरअसल, जो सीटें कांग्रेस के पास है उन पर टक्कर भाजपा उम्मीदवारों से है. जो 3 सीटें वामदलों के खाते में गई है. उनमें माझी, भोरे और बसवाड़ा है. माझी और घोड़े में जदयू तो बछवाड़ा पर भाजपा से टक्कर है. वहीं कुशेश्वरस्थान से रोसरा के विधायक डॉ. अशोक कुमार राम और महाराजगंज से मांझी विधायक व पूर्व मंत्री विजय शंकर दुबे चुनाव लड़ रहे हैं.

इन सीटों से ये हैं मैदान में
बेगूसराय से महिला कांग्रेस की अध्यक्ष अमिता भूषण मैदान में हैं. यह 2015 के विधानसभा चुनाव में जीत कर सदन पहुंचे थे. दूसरे चरण में पार्टी के बड़े नेताओं में सुमार कृपानाथ पाठक भी फुलपरास से किस्मत आजमा रहे हैं. दूसरे चरण में जिन 94 सीटों पर चुनाव होना है उनमें कांग्रेस के खाते में 24 सीटें गई हैं. इन्हें पिछले चुनाव में इनकी जीत हुई सीटों की संख्या 7 है.

महागठबंधन के लिए मुकाबला दिलचस्प
खास बात यह है कि इस चरण में जो सीटें कांग्रेस को मिली है उनमें मात्र 8 पर वह पिछले चुनाव में लड़ी थी. 2015 के चुनाव में महागठबंधन का नेतृत्व नीतीश कुमार कर रहे थे और कांग्रेस 40 सीटों पर चुनाव लड़ रही थी. लेकिन इस बार महागठबंधन से नीतीश कुमार बाहर हैं और गठबंधन की कमान राजद नेता तेजस्वी यादव के पास है.