पशुपतिनाथ मंदिर के आठों मुख हुए जलमग्न, शिवना नदी ने किया जलाभिषेक

पिछले लगभग 60 घंटों से उफान पर चल रही शिवना नदी का पानी रात में पशुपति नाथ मंदिर में प्रवेश किया और पहले 4 और फिर आठो मुख जलमग्न हो गए.
मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले में पिछले कुछ दिनों से लगातार बारिश का दौर जारी है, जिससे शहर के अधिकतर इलाके बाढ़ की चपेट में आ गए हैं. पिछले लगभग 60 घंटों से उफान पर चल रही शिवना नदी का पानी रात में पशुपति नाथ मंदिर में प्रवेश किया और पहले 4 और फिर आठो मुख जलमग्न हो गए. गुरुवार की रात शिवना नदी ने भगवान पशुपतिनाथ का जलाभिषेक किया, जिसके बाद अब नदी का जलस्तर कम होना शुरू हो गया है.
लगातार हो रही बारिश के चलते शिवना नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया था, वहीं कालाभाटा बांध का तीसरा गेट खोलने पर यह पानी पशुपतिनाथ मंदिर तक पहुंच गया और पूरा मंदिर जलमग्न हो गया. मंदिर में पानी भरने के बाद भगवान पशुपतिनाथ की अष्टमुखी मूर्ती भी पूरी तरह से पानी में डूब गई.

मंदसौर में भगवान पशुपतिनाथ की अष्टमुखी प्रतिमा विराजित है, जबकि नेपाल में चार मुखी पशुपतिनाथ विराजित हैं. इस प्रतिमा की तुलना नेपाल के पशुपतिनाथ से की जाती है. मंदसौर में इस प्रतिमा की स्थापना 23 नवंबर 1961 को स्वामी प्रत्यक्षानंद महाराज ने की थी, जिसके बाद 27 नवंबर को इस प्रतिमा को पशुपतिनाथ के रूप में नामकरण किया गया.