सीबीएसई ने जारी किए 12वीं कक्षा के परीक्षा परिणाम, इस लिंक से देखें


नई दिल्ली : केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने 12वीं कक्षा के परीक्षा परिणाम जारी कर दिए हैं. केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी.

सीबीएसई ने बताया कि 12वीं कक्षा की परीक्षा के परिणाम में उत्तीर्ण प्रतिशत में 5.38 प्रतिशत की वृद्धि हुई.

बता दें कि कोविड-19 महामारी के कारण सीबीएसई ने 12वीं कक्षा की परीक्षा की मेधा सूची की घोषणा नहीं की है.

निशंक ने छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों को संबोधित करते हुए लिखा कि छात्रों की सेहत और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सरकार की प्राथमिकता है.

उन्होंने लिखा कि सीबीएसई के परीक्षा परिणाम cbseresults.nic.in पर देखे जा सकते हैं. बकौल निशंक, सीबीएसई द्वारा परीक्षा परिणाम जारी किया जाना सभी के सामूहिक प्रयासों का नतीजा है. उन्होंने इसके लिए बधाई भी दी.

विशेष मानकों के आधार पर जारी हुआ रिजल्ट

बता दें कि केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की 12वीं क्लास की परीक्षा 15 फरवरी से 30 मार्च तक आयोजित होनी थी. वहीं कोरोना माहामारी के चलते 19 मार्च से 30 मार्च के बीच होने वाली परीक्षाओं को रद्द करना पड़ा था और यह परीक्षाएं 1 जुलाई से 15 जुलाई तक आयोजित की जानी थी.

वहीं कोरोना संक्रमण के लगातार बढ़ रहे मामलों को देखते हुए और बच्चों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए 26 जून को सुप्रीम कोर्ट का ऑर्डर आया था, जिसके बाद सीबीएसई ने परीक्षा रद्द कर रिजल्ट के लिए अलग-अलग मानक तैयार किए थे, जिनके आधार पर छात्रों का रिजल्ट जारी किया गया.

हालांकि सीबीएसई के द्वारा जारी किए गए मानकों के अनुसार 400 छात्रों का मूल्यांकन नहीं किया जा सका है. ऐसे में उन छात्रों का परीक्षा परिणाम आज घोषित नहीं हुआ है.

97.67 फीसदी के साथ त्रिवेंद्रम रीजन सबसे आगे

बता दें कि इस बार पासिंग प्रतिशत में 5.38 फ़ीसदी का इजाफा हुआ है, जिसके मुताबिक वर्ष 2020 में 12,03,595 छात्रों ने पंजीकरण किया था जिसमें से 11,92,961 छात्र ने परीक्षा दी थी.

इसमें से 10,59,080 छात्रों ने सफलतापूर्वक परीक्षा पास की है, जिसका पास प्रतिशत 88.78 रहा. वहीं अगर रीजन वाइज बात करें तो त्रिवेंद्रम का पासिंग प्रतिशत 97.67 फीसदी के साथ सबसे ज्यादा रहा, जबकि दिल्ली वेस्ट 94.61 और दिल्ली ईस्ट रीजन का 94.24 पास फीसद रहा. वहीं पटना रीजन का 74.57 फीसद के साथ सबसे कम पासिंग परसेंट रहा.